चलो मान लिया देश के साहित्यकार, वैज्ञानिक, कलाकार और रंगकर्मी कांग्रेस और वामपंथ के चाटुकार और दरवारी कवि थे लेकिन यह भारतीय सेना के पुराने नौजवानो को क्या हो गया यह क्यों अपने पुरस्कार लौटा रहे है । ऐसा तो नहीं है यह केबल एक सेना में थे भारतीय सेना में, अगर यह रामसेना, शिवसेना, और हिन्दू वाहिनी की सेना में होते तो पुरस्कार ना लौटाते बल्कि सच्चे देशभक्त और भक्त कहलाते बड़ा ही दुहरा चरित्र है तुम्हारा संघियो । आज जवाब दे दो अपने नागपुर के कुत्तो से पूछकर कब तक यही चलता रहेगा देश में । भारतीय सेना के जवानो को ही उनका अधिकार दे दो अभी वक़्त है ।
by Aditya Chourasiya
November 11, 2015 at 12:38AM
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Tuesday, November 10, 2015
चलो मान लिया देश के साहित्यकार, वैज्ञानिक, कलाकार और रंगकर्मी कांग्रेस और वामपंथ के चाटुकार और दरवारी कवि थे लेकिन यह भारतीय सेना के पुराने नौजवानो को क्या हो गया यह क्यों अपने पुरस्कार लौटा रहे है । ऐसा तो नहीं है यह केबल एक सेना में थे भारतीय सेना में, अगर यह रामसेना, शिवसेना, और हिन्दू वाहिनी की सेना में होते तो पुरस्कार ना लौटाते बल्कि सच्चे देशभक्त और भक्त कहलाते बड़ा ही दुहरा चरित्र है तुम्हारा संघियो । आज जवाब दे दो अपने नागपुर के कुत्तो से पूछकर कब तक यही चलता रहेगा देश में । भारतीय सेना के जवानो को ही उनका अधिकार दे दो अभी वक़्त है । November 11, 2015 at 12:38AM
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