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Monday, November 9, 2015

एक हफ्ते पहले बिहारियों की बहुत तेल मालिश हो रही थी, खुद मोदीजी भाइयों, बहनों मितरों करते रहते थे, बाकी सौ पचास नेता एक एक बिहारी का मुंह चूमने को तैयार रहते थे. जागो हिन्दू जागो के पर्चे बाँट रहे थे. आज से बिहारी अब घृणित हो गया, रिक्शावाला हो गया, मजदूर हो गया, लेबर हो गया, जिसके नसीब में गुजरात, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, कश्मीर और मुंबई जा के रोटी कमाना लिखा है. राज ठाकरे ठीक करता है जब बिहारियों को पीटता है. ऐसे भावना वाले पोस्ट्स देते जा रहे हो, भक्त जनों तुम लोग ही बीजेपी की लुटिया डूबानेवाले हो. बिहार में तुमलोगों की हार दो सौ रूपये किलो का दाल खिलाने की वजह से हुई है, डेढ़ साल में तुम्हारा नेता सिर्फ भ्रमण, भाषण और चुनाव प्रचार ही किया है. काम किया होता तो काम के नाम पर वोट मांगता, और जनता काम से खुश हो कर इनाम देती. बेहतर होगा कि अपने नेता की खिंचाई करो और बोलो कि मंहगाई कम करे, नहीं तो आगे भी चुनाव लड़ना है और जीतना है. - Jitendra Singh November 09, 2015 at 04:21PM

एक हफ्ते पहले बिहारियों की बहुत तेल मालिश हो रही थी, खुद मोदीजी भाइयों, बहनों मितरों करते रहते थे, बाकी सौ पचास नेता एक एक बिहारी का मुंह चूमने को तैयार रहते थे. जागो हिन्दू जागो के पर्चे बाँट रहे थे. आज से बिहारी अब घृणित हो गया, रिक्शावाला हो गया, मजदूर हो गया, लेबर हो गया, जिसके नसीब में गुजरात, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, कश्मीर और मुंबई जा के रोटी कमाना लिखा है. राज ठाकरे ठीक करता है जब बिहारियों को पीटता है. ऐसे भावना वाले पोस्ट्स देते जा रहे हो, भक्त जनों तुम लोग ही बीजेपी की लुटिया डूबानेवाले हो. बिहार में तुमलोगों की हार दो सौ रूपये किलो का दाल खिलाने की वजह से हुई है, डेढ़ साल में तुम्हारा नेता सिर्फ भ्रमण, भाषण और चुनाव प्रचार ही किया है. काम किया होता तो काम के नाम पर वोट मांगता, और जनता काम से खुश हो कर इनाम देती. बेहतर होगा कि अपने नेता की खिंचाई करो और बोलो कि मंहगाई कम करे, नहीं तो आगे भी चुनाव लड़ना है और जीतना है. - Jitendra Singh
by Aditya Chourasiya

November 09, 2015 at 04:21PM
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