और जैसे ही अनोखे ने टिन से बने भोंपू में, नाक से आवाज निकालते हुए कहा - " मितरों ! ये जो माँ बेटे की सरकार है ना , सिर्फ यही महँगाई की जड़ है । हमें मौका दो तो मैं केवल 100 दिन में महँगाई पर अंकुश लगा दूँगा मितरों .. सिर्फ 100 दिन में आसमान पर चढ़ गयी कीमतों को जमीन पर ला पटकूँगा ....। " (100 दिन कौन कहे , 420 दिन भी कब के बीत गए ) इतना सुनते ही भगत भगेलू के लंगोट में पिछवाड़े से आतिशबाजी शुरू हो गयी .... । Subhash Vikram #भक्तों_के_पिछवाड़े_में_सुडुकबान http://ift.tt/1hUUufr
by Aditya Chourasiya
August 24, 2015 at 10:28AM
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Sunday, August 23, 2015
और जैसे ही अनोखे ने टिन से बने भोंपू में, नाक से आवाज निकालते हुए कहा - " मितरों ! ये जो माँ बेटे की सरकार है ना , सिर्फ यही महँगाई की जड़ है । हमें मौका दो तो मैं केवल 100 दिन में महँगाई पर अंकुश लगा दूँगा मितरों .. सिर्फ 100 दिन में आसमान पर चढ़ गयी कीमतों को जमीन पर ला पटकूँगा ....। " (100 दिन कौन कहे , 420 दिन भी कब के बीत गए ) इतना सुनते ही भगत भगेलू के लंगोट में पिछवाड़े से आतिशबाजी शुरू हो गयी .... । Subhash Vikram #भक्तों_के_पिछवाड़े_में_सुडुकबान http://ift.tt/1hUUufr August 24, 2015 at 10:28AM
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