जिन लोगों को लगता है कि कन्हैया ने देश के टुकड़े करने की बात कही थी उन्हें तो ज़रूर देखना चाहिए। ज़ी न्यूज ने अपनी "रचनात्मकता" दिखाकर कन्हैया के मुँह से निकले आज़ादी शब्द को 'देश से आज़ादी' के रूप में दिखा दिया था जबकि वे भुखमरी, ब्राह्मणवाद आदि से "देश में आज़ादी" की माँग कर रहे थे। इस वीडियो को इसलिए भी देखना चाहिए कि इसमें आंदोलनकारियों की ऊर्जा से भरे दृश्य बेहतरीन ढंग से दिखाए गए हैं। पुलिस की जासूसी करने की आदत भी दिखाई गई है और अंत में मोदी , अनुपम खेर और स्मृति ईरानी के खोखले तर्कों की बुनियाद पर टिकी अभिव्यक्ति भी मनोरंजक है । बेहतरीन मिक्सिंग के लिए डब शर्मा का विशेष धन्यवाद ! #StandWithJNU
by Aditya Chourasiya
April 12, 2016 at 12:07PM
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Monday, April 11, 2016
जिन लोगों को लगता है कि कन्हैया ने देश के टुकड़े करने की बात कही थी उन्हें तो ज़रूर देखना चाहिए। ज़ी न्यूज ने अपनी "रचनात्मकता" दिखाकर कन्हैया के मुँह से निकले आज़ादी शब्द को 'देश से आज़ादी' के रूप में दिखा दिया था जबकि वे भुखमरी, ब्राह्मणवाद आदि से "देश में आज़ादी" की माँग कर रहे थे। इस वीडियो को इसलिए भी देखना चाहिए कि इसमें आंदोलनकारियों की ऊर्जा से भरे दृश्य बेहतरीन ढंग से दिखाए गए हैं। पुलिस की जासूसी करने की आदत भी दिखाई गई है और अंत में मोदी , अनुपम खेर और स्मृति ईरानी के खोखले तर्कों की बुनियाद पर टिकी अभिव्यक्ति भी मनोरंजक है । बेहतरीन मिक्सिंग के लिए डब शर्मा का विशेष धन्यवाद ! #StandWithJNU April 12, 2016 at 12:07PM
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