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Monday, March 7, 2016

राम से रावण तक और भस्मासुर से विष्णु तक पूज्य शिव ---------------- आस्तिकता-नास्तिकता की बहस में मैं उतना ही पड़ा जितना साध सका. मूर्तिपूजक हरगिज़ नहीं हूँ लेकिन दूसरे जो करते हैं उनकी खिल्ली भी नहीं उडाता हूँ. मानता हूँ कि ईश्वर निश्चित ही मनुष्य की खोज है. लेकिन मिथ बचपन से हमें मूल्य देते हैं, यह विश्वास भी है. शिव मेरे प्रिय ईश्वरीय मिथ हैं. मुझे उनका तांडव नहीं उनकी अगाध क्षमाशीलता लुभाती है-- भोले भंडारी और भोले बाबा का रूप. इतने उदार कि अपने लिए भस्मासुर तक पैदा कर लें. इतने समावेशी कि मनुष्य से लेकर जीव-जंतु और भूत-प्रेत तक घेरे रहे. इतने सादे कि बाक़ी देवी-देवताओं जैसा वैभव नहीं. शुद्धता का कोई अति आग्रह नहीं, यहाँ तक गंदगी में भी पंचतत्व ढूँढने वाले. तो हे शिव, आज शिवरात्री के मौके पर यह कहना है कि यदि दे सको तो अपने जैसी उदारता दो, क्षमाशीलता दो, सादगी दो. इसके बाद अगर जरूरी लगे तो त्रिनेत्र दो, जिसे अगर खोलना पड़े तो उन्हें सही राह पर ला सकूं जिन्हें आप हमेशा तांडव मुद्रा में ही दिखाते हो. हाँ, मुझे मृत्यु और संहार की शक्ति न देना. यह सब गरल आपको ही मुबारक... -Saurabh Bajpai March 07, 2016 at 10:37PM

राम से रावण तक और भस्मासुर से विष्णु तक पूज्य शिव ---------------- आस्तिकता-नास्तिकता की बहस में मैं उतना ही पड़ा जितना साध सका. मूर्तिपूजक हरगिज़ नहीं हूँ लेकिन दूसरे जो करते हैं उनकी खिल्ली भी नहीं उडाता हूँ. मानता हूँ कि ईश्वर निश्चित ही मनुष्य की खोज है. लेकिन मिथ बचपन से हमें मूल्य देते हैं, यह विश्वास भी है. शिव मेरे प्रिय ईश्वरीय मिथ हैं. मुझे उनका तांडव नहीं उनकी अगाध क्षमाशीलता लुभाती है-- भोले भंडारी और भोले बाबा का रूप. इतने उदार कि अपने लिए भस्मासुर तक पैदा कर लें. इतने समावेशी कि मनुष्य से लेकर जीव-जंतु और भूत-प्रेत तक घेरे रहे. इतने सादे कि बाक़ी देवी-देवताओं जैसा वैभव नहीं. शुद्धता का कोई अति आग्रह नहीं, यहाँ तक गंदगी में भी पंचतत्व ढूँढने वाले. तो हे शिव, आज शिवरात्री के मौके पर यह कहना है कि यदि दे सको तो अपने जैसी उदारता दो, क्षमाशीलता दो, सादगी दो. इसके बाद अगर जरूरी लगे तो त्रिनेत्र दो, जिसे अगर खोलना पड़े तो उन्हें सही राह पर ला सकूं जिन्हें आप हमेशा तांडव मुद्रा में ही दिखाते हो. हाँ, मुझे मृत्यु और संहार की शक्ति न देना. यह सब गरल आपको ही मुबारक... -Saurabh Bajpai
by Aditya Chourasiya

March 07, 2016 at 10:37PM
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