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Monday, February 22, 2016

कल इन्हीं में से कोई फोटो खींचकर या फेसबुक का कमेंट उठाकर वायरल करेगा कि अंतरा नाम की लड़की कालेज जाने के बहाने सेक्टर छह के राजीव नाम के लड़के के साथ मस्ती कर रही है । "इस तस्वीर को इतना वायरल करो कि उसके माँ बाप को इसकी कारस्तानी का पता चले ।" अगर इतनी सी बात का ख़तरा एक लड़की नहीं समझती है और एक लड़का नहीं समझता है तो ये देश का दुर्भाग्य है । क्या राष्ट्रवाद के नाम पर हम अपनी आज़ादी ऐसे लंपट तत्वों के पास गिरवी रख सकते हैं ? माँ बाप इस तरह से सोचे कि संस्कृति बचाने के नाम पर कहीं ऐसे लोगों ने उनके बच्चों को घेर का मार दिया या शर्मसार करने की इस तरकीब से डरकर उनके बच्चों ने ख़ुदकुशी कर ली तो क्या होगा । सोशल मीडिया आम नागरिक की आज़ादी कुचलने का माध्यम बनता जा रहा है । February 23, 2016 at 11:02AM

कल इन्हीं में से कोई फोटो खींचकर या फेसबुक का कमेंट उठाकर वायरल करेगा कि अंतरा नाम की लड़की कालेज जाने के बहाने सेक्टर छह के राजीव नाम के लड़के के साथ मस्ती कर रही है । "इस तस्वीर को इतना वायरल करो कि उसके माँ बाप को इसकी कारस्तानी का पता चले ।" अगर इतनी सी बात का ख़तरा एक लड़की नहीं समझती है और एक लड़का नहीं समझता है तो ये देश का दुर्भाग्य है । क्या राष्ट्रवाद के नाम पर हम अपनी आज़ादी ऐसे लंपट तत्वों के पास गिरवी रख सकते हैं ? माँ बाप इस तरह से सोचे कि संस्कृति बचाने के नाम पर कहीं ऐसे लोगों ने उनके बच्चों को घेर का मार दिया या शर्मसार करने की इस तरकीब से डरकर उनके बच्चों ने ख़ुदकुशी कर ली तो क्या होगा । सोशल मीडिया आम नागरिक की आज़ादी कुचलने का माध्यम बनता जा रहा है ।
by Aditya Chourasiya

February 23, 2016 at 11:02AM
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