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Monday, February 1, 2016

"उसके सुसाइड नोट को पढ़ने और उसकी परेशानियों से वाकिफ होने से साफ पता चलता है कि हमारी सभ्यता में भेदभाव की असली कीमत क्या होती है... अगर हम किसी तरह यह पता लगा सकें कि पूर्वाग्रह की वजह से वास्तव में हमें 'खो गए योगदानों' और 'नए विचारों' का कितना नुकसान हुआ, तो मेरा मानना है कि हम स्तब्ध रह जाएंगे..." ऐन ने आगे लिखा, "क्या ऐसा मुमकिन है कि रोहित की कहानी पर अब दिया जा रहा ध्यान उसके जैसी घटनाओं को बार-बार होने से रोक पाएगा...?" February 02, 2016 at 09:58AM

"उसके सुसाइड नोट को पढ़ने और उसकी परेशानियों से वाकिफ होने से साफ पता चलता है कि हमारी सभ्यता में भेदभाव की असली कीमत क्या होती है... अगर हम किसी तरह यह पता लगा सकें कि पूर्वाग्रह की वजह से वास्तव में हमें 'खो गए योगदानों' और 'नए विचारों' का कितना नुकसान हुआ, तो मेरा मानना है कि हम स्तब्ध रह जाएंगे..." ऐन ने आगे लिखा, "क्या ऐसा मुमकिन है कि रोहित की कहानी पर अब दिया जा रहा ध्यान उसके जैसी घटनाओं को बार-बार होने से रोक पाएगा...?"
by Aditya Chourasiya

February 02, 2016 at 09:58AM
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