भारत में करीब एक अरब लोगों के पास फोन है । क्या भारत सरकार यह मानती है कि जिसके पास फोन है वो ग़रीबी रेखा से नीचे है या ऊपर ? हमें नहीं मालूम । अगर ग़रीबी रेखा से ऊपर है तो फिर फेसबुक किसे ग़रीबी से बाहर लाएगा । क्या ग़रीबी सिर्फ सूचना की कमी के कारण है ? अगर सबको सूचना हो तो ग़रीबी नहीं रहेगी ? ये किस अर्थशास्त्री का फ़ार्मूला है ? क्या हमारी सरकारों ने इतनी तादाद में अवसरों का सृजन कर दिया है ? इस हिसाब से तो फेसबुक को यह दावा करना चाहिए कि उसके कितने यूज़र मिडिल क्लास से अपर क्लास में चले गए और उसमें फेसबुक का कितना योगदान रहा ? क्या फेसबुक सिर्फ ग़रीबों का क्लास ही बदलता है ! एकाध क़िस्सों से बदलाव की गाथा नहीं बनती ।
by Aditya Chourasiya
December 31, 2015 at 11:04AM
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Wednesday, December 30, 2015
भारत में करीब एक अरब लोगों के पास फोन है । क्या भारत सरकार यह मानती है कि जिसके पास फोन है वो ग़रीबी रेखा से नीचे है या ऊपर ? हमें नहीं मालूम । अगर ग़रीबी रेखा से ऊपर है तो फिर फेसबुक किसे ग़रीबी से बाहर लाएगा । क्या ग़रीबी सिर्फ सूचना की कमी के कारण है ? अगर सबको सूचना हो तो ग़रीबी नहीं रहेगी ? ये किस अर्थशास्त्री का फ़ार्मूला है ? क्या हमारी सरकारों ने इतनी तादाद में अवसरों का सृजन कर दिया है ? इस हिसाब से तो फेसबुक को यह दावा करना चाहिए कि उसके कितने यूज़र मिडिल क्लास से अपर क्लास में चले गए और उसमें फेसबुक का कितना योगदान रहा ? क्या फेसबुक सिर्फ ग़रीबों का क्लास ही बदलता है ! एकाध क़िस्सों से बदलाव की गाथा नहीं बनती । December 31, 2015 at 11:04AM
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