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Thursday, September 24, 2015

उन्हें जेएनयू से चिढ़ क्यों है? इसलिए कि इस विश्‍वविद्यालय में पढ़कर वह लड़का उनके बेटे से बड़ा अफ़सर बन जाता है जो गाँव में जातिगत भेदभाव के कारण सड़कों पर सीना तानकर चल भी नहीं सकता। इसलिए कि इस विश्‍वविद्यालय में आने के बाद लड़कियाँ अपने माँ-बाप की दकियानूसी बातों पर सवाल उठाना शुरू कर देती हैं। ऐसे विश्‍वविद्यालय से उन लोगों को चिढ़ तो होगी ही जो असमानता और शोषण पर टिकी व्यवस्था में मलाई खा रहे हैं। उनका बस चले तो वे इस विश्‍वविद्यालय पर बम गिरा दें। वे ऐसा समाज बनाने में लगे हैं जिस दिन ऐसा करना संभव हो जाएगा। क्या आप उन्हें ऐसा समाज बनाने देंगे? जेएनयू का संघर्ष आपका भी संघर्ष है। -सुयश सुप्रभ September 25, 2015 at 10:32AM

उन्हें जेएनयू से चिढ़ क्यों है? इसलिए कि इस विश्‍वविद्यालय में पढ़कर वह लड़का उनके बेटे से बड़ा अफ़सर बन जाता है जो गाँव में जातिगत भेदभाव के कारण सड़कों पर सीना तानकर चल भी नहीं सकता। इसलिए कि इस विश्‍वविद्यालय में आने के बाद लड़कियाँ अपने माँ-बाप की दकियानूसी बातों पर सवाल उठाना शुरू कर देती हैं। ऐसे विश्‍वविद्यालय से उन लोगों को चिढ़ तो होगी ही जो असमानता और शोषण पर टिकी व्यवस्था में मलाई खा रहे हैं। उनका बस चले तो वे इस विश्‍वविद्यालय पर बम गिरा दें। वे ऐसा समाज बनाने में लगे हैं जिस दिन ऐसा करना संभव हो जाएगा। क्या आप उन्हें ऐसा समाज बनाने देंगे? जेएनयू का संघर्ष आपका भी संघर्ष है। -सुयश सुप्रभ
by Aditya Chourasiya

September 25, 2015 at 10:32AM
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