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Friday, June 5, 2015

"माननीयों ........!! मैं आपकी देशभक्ति पर तनिक भी संदेह नहीं करता....., आप खाँटी देशभक्त हैं किन्तु आम आदमी जिन परिस्थितियों में जीवन गुजारते हुए आप जैसी देशभक्ति दिखा रहा है वह अतुलनीय है। क्या दे रहा है आपका देश उसे......? भ्रष्टाचार की महामारी? रोटी के जुगाड़ में सूख रही आँखें .............? या फिर......दुर्लभ न्याय, अनिश्चित रोजगार, नाखादा शिक्षा व्यवस्था और ऐसी अन्य लाखों बीमारियां। जिन्दगी से जूझता यह आम जनमानस यदि जाति ,क्षेत्र ,भाषा,सम्प्रदाय मे बाँटने वाली साजिश से बच गया..........और संगठित हो गया तो......? आप लोगों की स्थिति बेहद हास्यास्पद हो जाएगी.........। निवेदन है परस्पर समन्वय बना कर चलें वरना जैसे दिल्ली में हुई वो हालत देश में भी हो सकती है - Sudhir Sankrityayan June 05, 2015 at 11:53PM

"माननीयों ........!! मैं आपकी देशभक्ति पर तनिक भी संदेह नहीं करता....., आप खाँटी देशभक्त हैं किन्तु आम आदमी जिन परिस्थितियों में जीवन गुजारते हुए आप जैसी देशभक्ति दिखा रहा है वह अतुलनीय है। क्या दे रहा है आपका देश उसे......? भ्रष्टाचार की महामारी? रोटी के जुगाड़ में सूख रही आँखें .............? या फिर......दुर्लभ न्याय, अनिश्चित रोजगार, नाखादा शिक्षा व्यवस्था और ऐसी अन्य लाखों बीमारियां। जिन्दगी से जूझता यह आम जनमानस यदि जाति ,क्षेत्र ,भाषा,सम्प्रदाय मे बाँटने वाली साजिश से बच गया..........और संगठित हो गया तो......? आप लोगों की स्थिति बेहद हास्यास्पद हो जाएगी.........। निवेदन है परस्पर समन्वय बना कर चलें वरना जैसे दिल्ली में हुई वो हालत देश में भी हो सकती है - Sudhir Sankrityayan
by Aditya Chourasiya

June 05, 2015 at 11:53PM
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