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Saturday, May 16, 2015

उसकी साड़ी मेरी साड़ी से ज्यादा सफेद कैसे? वे समझने लगे कि उनसे ज्यादा अच्छा ड्रेसिंग सैंस किसी दूसरे का हो ही नही सकता।तरंगो का मेला था या बेपरवाही की खुमारी अपने आप को किसी जवाँ दबंग से कम तो वे मानते नही मगर सामने खड़े नौजवान को देख उनके होश ही उड़ गए क्योकि वो नौजवान न केवल उनसे ज्यादा स्मार्ट और दबंंग था वह समाज सेवा मे भी ऊंचे कद वाला था मात्र 1रु. वेतन पर काम करता था अपने छोटे कद के अहसास ने इन्हे जलन के सातवे आसमान पर पँहुचा दिया वे मन ही मन बड़बड़ाने लगे भला उसकी साड़ी मेरी साड़ी से ज्यादा सफेद कैसे ? आखिर ड्रेस कोड का तो वे सहारा ले सकते हैं न..। पता नही उन्हे बुरा क्या लगा नौजवान का काला चशमा या नीली शर्ट। अरे भाई अपनी उम्र तो देखिए...इस उम्र में टीन एज़र बन सेलफी खिचवा कर,नए-नए परिधानों को पहन यों चंचल तितली से इस डगर से उस डगर मंडराते फिरते हैं अब तो बच्चेे भी अपने अभिभावको को हिदायत देने लगे है "पापा प्रोमिस आप उनके जैसा मत करना मेरे दोस्तो में मेरी इज्जत का फलूदा हो जाएगा"। May 16, 2015 at 06:04PM

उसकी साड़ी मेरी साड़ी से ज्यादा सफेद कैसे? वे समझने लगे कि उनसे ज्यादा अच्छा ड्रेसिंग सैंस किसी दूसरे का हो ही नही सकता।तरंगो का मेला था या बेपरवाही की खुमारी अपने आप को किसी जवाँ दबंग से कम तो वे मानते नही मगर सामने खड़े नौजवान को देख उनके होश ही उड़ गए क्योकि वो नौजवान न केवल उनसे ज्यादा स्मार्ट और दबंंग था वह समाज सेवा मे भी ऊंचे कद वाला था मात्र 1रु. वेतन पर काम करता था अपने छोटे कद के अहसास ने इन्हे जलन के सातवे आसमान पर पँहुचा दिया वे मन ही मन बड़बड़ाने लगे भला उसकी साड़ी मेरी साड़ी से ज्यादा सफेद कैसे ? आखिर ड्रेस कोड का तो वे सहारा ले सकते हैं न..। पता नही उन्हे बुरा क्या लगा नौजवान का काला चशमा या नीली शर्ट। अरे भाई अपनी उम्र तो देखिए...इस उम्र में टीन एज़र बन सेलफी खिचवा कर,नए-नए परिधानों को पहन यों चंचल तितली से इस डगर से उस डगर मंडराते फिरते हैं अब तो बच्चेे भी अपने अभिभावको को हिदायत देने लगे है "पापा प्रोमिस आप उनके जैसा मत करना मेरे दोस्तो में मेरी इज्जत का फलूदा हो जाएगा"।
by Aditya Chourasiya

May 16, 2015 at 06:04PM
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