२३ अप्रैल १९३० को हवलदार मेजर चन्द्र सिंह गढवाली के नेतृत्व में रॉयल गढवाल राइफल्स के जवानों ने भारत की आजादी के लिये लडनें वाले निहत्थे पठानों पर गोली चलानें से इन्कार कर दिया था। ये घटना चन्द्र सिंह जी का पहला अहिंसक सैनिक अवज्ञा आंदोलन था। अंत मे अपने साथियों की स्वतन्त्रता सेनानी पेंशन के लिए संघर्ष करते रहे। उनकी मृत्यु के बाद उनके नाम पर सरकार ने एक मेडिकल कालेज की स्थापना की और उनके प्रति अपनी श्रद्धा पूरी की।
by Aditya Chourasiya
April 23, 2015 at 10:45PM
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Thursday, April 23, 2015
२३ अप्रैल १९३० को हवलदार मेजर चन्द्र सिंह गढवाली के नेतृत्व में रॉयल गढवाल राइफल्स के जवानों ने भारत की आजादी के लिये लडनें वाले निहत्थे पठानों पर गोली चलानें से इन्कार कर दिया था। ये घटना चन्द्र सिंह जी का पहला अहिंसक सैनिक अवज्ञा आंदोलन था। अंत मे अपने साथियों की स्वतन्त्रता सेनानी पेंशन के लिए संघर्ष करते रहे। उनकी मृत्यु के बाद उनके नाम पर सरकार ने एक मेडिकल कालेज की स्थापना की और उनके प्रति अपनी श्रद्धा पूरी की। April 23, 2015 at 10:45PM
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