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Wednesday, April 8, 2015

चलो अच्छी शुरूआत हो गई। प्रधानमंत्री ने कहा है कि आज तक किसान को 50 फीसदी फसलें बर्बाद होने पर मुआवज़ा मिलता था लेकिन अब 33 फीसदी बर्बाद होने पर मिलेगा। इस 33 फीसदी की गणना कैसे होगी और मुआवज़े का निर्धारण लागत और कमाई के आधार पर होगा या नहीं, पूरे गांव का 33 फीसदी माना जाएगा या एक खेत का, गांव को ईकाई मानी जाएगी या ब्लाक को यह सब इसके जटिल और वाजिब पक्ष हैं लेकिन एक ही झटके में 50 से 33 पर आ जाना भी कम बड़ी बात नहीं है। मुआवज़ा भी डेढ़ गुना बढ़ाया गया है। April 08, 2015 at 02:15PM

चलो अच्छी शुरूआत हो गई। प्रधानमंत्री ने कहा है कि आज तक किसान को 50 फीसदी फसलें बर्बाद होने पर मुआवज़ा मिलता था लेकिन अब 33 फीसदी बर्बाद होने पर मिलेगा। इस 33 फीसदी की गणना कैसे होगी और मुआवज़े का निर्धारण लागत और कमाई के आधार पर होगा या नहीं, पूरे गांव का 33 फीसदी माना जाएगा या एक खेत का, गांव को ईकाई मानी जाएगी या ब्लाक को यह सब इसके जटिल और वाजिब पक्ष हैं लेकिन एक ही झटके में 50 से 33 पर आ जाना भी कम बड़ी बात नहीं है। मुआवज़ा भी डेढ़ गुना बढ़ाया गया है।

by Aditya Chourasiya



April 08, 2015 at 02:15PM

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